Tuesday, March 22, 2011
मेरी तनहाई: डा. प्रमोद कुमार
जीवन मेरा ध्रुव की
लम्बी रात-सी
तन्हा , काली और अकेली
जिसमें बर्फीली हवाएँ
साँथ - साँथ दौड़ती रहती हैं
कहानी बोलती रहती हैं
तुम्हारी बेवफ़ाई की ।
और चमचमाते तारे
टिमटिम हँसते रहते हैं
बातें करते रहते हैं
मेरी तन्हाई की ।
डा. प्रमोद कुमार
Email: drpk1956@gmail.com
drpramod.kumar@yahoo.in
जीवन मेरा ध्रुव की
लम्बी रात-सी
तन्हा , काली और अकेली
जिसमें बर्फीली हवाएँ
साँथ - साँथ दौड़ती रहती हैं
कहानी बोलती रहती हैं
तुम्हारी बेवफ़ाई की ।
और चमचमाते तारे
टिमटिम हँसते रहते हैं
बातें करते रहते हैं
मेरी तन्हाई की ।
डा. प्रमोद कुमार
Email: drpk1956@gmail.com
drpramod.kumar@yahoo.in
